Saturday, May 8, 2010

माँ : ईश्वर का सबसे बेहतरीन उपहार.........!!!!!!!!!

मित्रो इस बार मात्र दिवस के दिन मेरा सभी माताओ को प्रणाम।

जैसा की आप सभी जानते हैं के माँ का रूप ईश्वर का रूप होता है। ये न सिर्फ हम इंसानों पर बल्कि सभी पर लागू होता है एवं सभी माएं चाहे वे मनुष्य हों या जीव जंतु। इस बात को प्रमाणित करने के लिए मैं कुछ चित्रों के माध्यम से एक माँ का दिल बताना चाहूँगा

१ जयपुर में एक बन्दर की एक मोटर साइकिल से टक्कर हो गयी। उसके बाद वो छोटा बन्दर खड़े होने की भी हालत में नहीं था।



२ जब एक कुत्ते ने ये देखा के बन्दर खड़े होने की भी हालत में नहीं है तो उसने बन्दर पर हमला कर दिया। हालांकि वो उस बन्दर की माँ से वाकिफ नहीं था जो उसे बचाने के लिए आ गयी थी।




३ उस बन्दर की माँ ने निस्वार्थ भाव से उस कुत्ते पर हमला कर दिया और अपनी जान दाव पर लगा दी ताकि वो अपने बच्चे को बचा सके।




४ कुत्ते ने जब उसकी माँ की प्रबल इच्छा देखि और जब वो समझ गया के वो उसकी माँ का सामना नहीं कर सकता तो वो भाग खड़ा हुआ ।


५ फिर उस बन्दर की माँ ने अपने तरफ से भरपूर कोशिश की और वो आखिरकार अपने बच्चे को सड़क के किनारे लाने में कामयाब हो ही गयी और अपने बच्चे की जान बचाने में भी ।





ऐसी होती हैं माँ और ऐसा होता है माँ का दिल .



Wednesday, May 5, 2010

प्रकृति के कुछ बेहतरीन फोटो












































क्या इन्हें देखकर नहीं लगता के हमें ऐसी बेहतरीन चीज़ को बचाना चाहेये ???

Hey i am attatching some of very beautiful images.
Check them...Hope you Enjoy

Monday, May 3, 2010

परेशान पप्पू......(व्यंग).........!!!!!


परेशान थी पप्पू की वाइफ

नॉन हप्पेनिंग थी जो उसकी लाइफ

पप्पू को न मिलता आराम

ऑफिस में करता काम ही काम

पप्पू के बॉस भी थे बड़े कूल

पप्पू के प्रमोशन को जाते थे हर बार भूल

पर भूलते नहीं थे वो डैड लाइन

काम तो करवाते थे रोज टिल नाइन

पप्पू भी बनना चाहता था दी बेस्ट

इसीलिए वो नहीं करता था रेस्ट

दिन रात करता वो बॉस की गुलामी

अप्प्रेसल की उम्मीद में देता सलामी

दिन गुजरे और गुजरे फिर साल

और बुरा होता गया पप्पू का हाल

पप्पू को अब कुछ याद ना रहता था

गलती से बीवी को बहनजी कहता था

आखिर एक दिन पप्पू को समझ आया

और छोड़ दी उसने अप्प्रेसल की मोहमाया

बॉस से बोला - " तुम क्यूँ सताते हो ???

अप्प्रेसल के लड्डू से बहुत बनाते हो "

प्रोमोशन दो वर्ना चला जाऊंगा

और अप्प्रेसल देने पर भी वापस ना आऊंगा

बॉस हंसके बोला - " नहीं कोई बात

अभी और भी पप्पुस हैं मेरे पास "

ये दुनिया पप्पुओं से भरी पड़ी है

सबको आगे जाने की पड़ी है

तुम ना करोगे तो किसी और से कराऊंगा

तुम्हारी तरह एक और पप्पू बनाऊंगा

Saturday, May 1, 2010

विश्व की सबसे छोटी चित्रकार अविश्वसनीय परन्तु सत्य.............!!!!!!!!
















तीन साल की छोटी Aelita Andre अभी अपने जूते के फीते भी ठीक से नहीं बाँध पाती हैं परन्तु उसकी पेटिंग्स के विश्व की बड़ी बड़ी जगह प्रदर्शित किया जा चुका है। पिछले साल छोटी आंद्रे मीडिया की नज़रों में तब आई जब वे "THE AGE" पत्रिका में आई। सिर्फ दो वर्ष की उम्र में उनकी चित्रकारी को "BRUNSKWICK STREET GALLERY" में प्रदर्शित किया गया। उस समय प्रतिक्रियाएं ऐसी नहीं थी जैसा की आप सोच रहे होंगे। बहुत से पत्रकारों ने लड़की के माता पिता पर बच्ची के शोषण का और उसे इस्तेमाल करने का आरोप लगाया। पर आंद्रे के माता पिता ने दुर्भावना पूर्ण टिप्पणियों को अनदेखा करते हुए अपनी बच्ची को लगातार अपना शोक पूरा करने के लिए प्रेरित किया। उसके पिता के अनुसार उन्होंने अपनी बेटी के हर काम में प्रेरित किया चाहे वो अपना पूरा रंग का डब्बा अपने कपड़ो पर ही गिरा ले पर उन्होंने कभी उसे डांटा नहीं। जो भी वो करती है वो एकदम मोलिक है और यही कारण है के उसकी कला को सब जगह से तारीफ़ ही मिलती है। जहाँ तक उसके द्वारा कमाए गए पैसो को अपने उपर खर्च करने का इलज़ाम है उसके पिता कहते हैं के उसके द्वारा कमाए गए सभी पैसे एक ट्रस्ट में वे जमा कर रहे हैं ताकि जब उनकी बच्ची बड़ी हो जाये तो वो उसे खुद जैसा इस्तेमाल करना चाहे वैसा करे।
अभी तक उसकी 32 पेंटिंग्स बिक चुकी हैं जीनकी कीमत 1170000/- रूपये है। आंद्रे ने अपना जो छोटा भाग्य जो जगाया है जो उसके अपने सपने को पूरा करने के काम आएगा।
मेरी तरफ से आंद्रे को ढेर साड़ी बधाई और आशा करता हूँ के जब वो बड़ी हो जाएगी तो वो अपने सभी सपनो को पूरा कर सके .

An Initiative............Join Me To Become Strengh: दिलदार

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