Thursday, April 15, 2010

प्रेम क्या है ???


कभी -२ मै सोचता हूँ के प्रेम क्या है ???

फिर मैं जो प्रेम के बारे में महसूस करता हूँ वो मैं आपके सामने रख रहा हूँ । आशा करता हूँ के मेरे प्रेम के बारे में मेरे विचार आपको पसंद आयेंगे और आशा करता हूँ के मैं प्रेम की सही तरह से व्याख्या कर पाऊं...................


प्रेम वो है जब मेरी माँ मुझे चूमती है ।




प्रेम वो है जब मेरे पिता मेरी तरफ ये सोचते हुए देखते हैं की एक दिन जब वो सोफे पर बैठे हुए टेलीवीज़न देख रहे होंगे तब मैं काम से वापस घर आऊंगा और उनसे कहूँगा के " पिताजी आप अभी तक सोये नहीं ?"



प्रेम वो है जब मेरी भाभी मुझसे कहती हैं की "भाई मैंने आपके लिए एक प्यारी सी लड़की देखी है. "


प्रेम वो है जब मेरी बहन मेरा काम करते हुए कहती है की "जब मेरी शादी हो जाएगी तब तुम्हारा काम कौन करेगा ??"

प्रेम वो है जब मैं अपना काम कर रहा होऊं तब मेरा भाई आये और कहे के "अरे छोडो ये काम और चलो कहीं बहार खाना खाने चलते हैं."

प्रेम वो है जब मेरा सबसे अच्छा दोस्त कहे के "मैं हमेशा तुम्हे याद करता हूँ ."

प्यार वो है जब मेरी प्रेमिका बिना किसी कारण मेरे गले लग जाये और कहे " तुम पागल हो ".



प्रेम संबंधो को महसूस करने की लिए होता है ..............................नाकि संबंधो को इस्तेमाल करने के लिए.... :)

2 comments:

vivek said...

Aapke Khushion ka kabhi ant na ho, gum ka dur dur tak nishan ho, beete aapke jeevan ka har pal foolon par, sunahre palon ke saye kabhi kam na ho

http://hindismsshayri.blogspot.com/

संजय भास्कर said...

बढ़िया प्रस्तुति पर हार्दिक बधाई.
ढेर सारी शुभकामनायें.

संजय कुमार
हरियाणा
http://sanjaybhaskar.blogspot.com